हमारी सोच की आग से खुद को बचा पाना तेरी ताकत से बाहर है
पर जब बोलती है तू डबल मीनिंग में, लगता है दीवाना।
हमसे उलझने वाले मिट्टी में मिल जाते हैं ,
दिखता नहीं हूँ कसम से पर मैं बदमाश बहुत हूँ।
पर इस बदमाशी भरे प्यार से दूर भी नहीं जाना चाहता हूँ।
हम वो कहानी हैं जो हर किसी को याद रहती है ,
इतना सच्चा दोस्त हूँ – insult भी प्यार click here से करता हूँ।
लेकिन जरूरत पड़ी तो हम खौफनाक भी हो सकते हैं।
हम वहाँ खड़े होते हैं जहाँ लाइन खत्म होती है,
मै रहा नहीं और जो मैं हूँ वो तुम्हे पता नहीं!
मेरी दुश्मनी का नुकसान तुम से नहीं पाओगे।
और जब मुस्कुराता है तो दुनिया जल जाती है !!
मगर मेरी जान धोका देने वालो को फिर मैं मोका नही देता…!
वो जितना कमाते है हम उससे ज्यादा उड़ाते है…!